राष्ट्रीय वयोश्री योजना (RVY) : वरिष्ठ नागरिकों को शारीरिक सहायता एवं जीवन यापन के लिये

राष्ट्रीय वयोश्री योजना Rashtriya Vayoshri Yojana, गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक योजना है। इस सरकारी योजना के तहत केंद्र सरकार BPL परिवारों के वरिष्ठ नागरिकों के जीवन को आसान बनाने के लिए मुफ्त सहयोगी उपकरणों की पेशकश करेगी।

राष्ट्रीय वयोश्री योजना के तहत, केंद्र सरकार मुफ्त सहायक उपकरण जैसे कान की मशीन, व्हीलचेयर और कई अन्य उपकरण प्रदान करेगी।

राष्ट्रीय वयोश्री योजना – उद्देश्य

राष्ट्रीय वयोश्री योजना का मुख्य उद्देश्य आर्थिक रूप से पिछड़े समाज के वृद्ध लोगों को सक्रिय जीवन जीने के लिए सक्षम बनाना और वृद्ध-अनुकूल समाज बनाना है। इस योजना का उद्देश्य लोगों को जीवन सहायता उपकरण प्रदान करना है जिससे कि वो सामान्य जीवन व्यतीत कर सकें।

वृद्धावस्था विकलांग जैसे कम दृष्टि, कम सुनना, दांतों की हानि और गतिरोध विकलांगता से ग्रस्त वरिष्ठ नागरिकों को राष्ट्रीय वयोश्री योजना के माध्यम से सहारा दिया जाएगा।

Central Government ने प्रत्येक शिविर में कम से कम 2000 लाभार्थियों को Free सहायक उपकरणों को वितरण करने का लक्ष्य रखा है। उपकरणों के वितरण के लिए, सरकार पूरे वर्ष के लिए प्रत्येक राज्य के दो जिलों में शिविरों का आयोजन करेगी। सरकार ने राज्य सरकारों को इस योजना के लिए लाभार्थियों की पहचान करने के लिए कहा है।

राष्ट्रीय वयोश्री योजना (आरवीवाई) के तहत वरिष्ठ नागरिकों को सहायक जीवनदायी उपकरण वितरित किए गए जो निन्नलिखित हैं: –

  • फोल्डिंग व्हील चेयर
  • बैशाखी
  • वाकिंग स्टीक
  • वॉकर
  • बीटीआई (सुनने वाला यंत्र)
  • ट्रेट्रापॉड
  • ट्राईपॉड
  • कृत्रिम दन्त
  • चश्मे

इस योजना के अंतर्गत वितरित किए जाने वाले उपकरण उच्च गुणवत्ता वाले होंगे और BIS (भारतीय मानक ब्यूरो) द्वारा निर्धारित मानकों के अनुरूप होंगे।

(Rashtriya Vayoshri Yojana)

योजना की मुख्य विशेषताएँ

  • योग्य वरिष्ठ नागरिकों को उनकी विकलांगता/दुर्बलता के अनुरूप निःशुल्क उपकरणों का वितरण किया जाएगा। एक ही व्यक्ति में अनेक विकलांगता/दुर्बलता पाए जाने की स्थिति में, प्रत्येक विकलांगता/दुर्बलता के लिये अलग-अलग उपकरण प्रदान किये जाएंगे।
  • ये उपकरण वरिष्ठ नागरिकों को आयु संबंधी शारीरिक दिक्कतों से निपटने में मदद करेंगे और परिवार के अन्य सदस्यों के ऊपर उनकी निर्भरता को कम करते हुए उन्हें बेहतर जीवन जीने का अवसर देंगे।
  • भारतीय कृत्रिम अंग निर्माण निगम बुज़ुर्गों को दी जाने वाली इस सहायता एवं सामान्य जीवन जीने के लिये आवश्यक उपकरणों की एक वर्ष तक निःशुल्क देखरेख करेगा।
  • योजना को भारतीय कृत्रिम अंग निर्माण निगम (सामाजिक अधिकारिता एवं न्याय मंत्रालय के अंतर्गत एक सार्वजनिक क्षेत्र का उद्यम) नामक एकमात्र कार्यान्वयन एजेंसी द्वारा लागू किया जाएगा।
  • प्रत्येक ज़िले में लाभार्थियों की पहचान राज्य/केन्द्रशासित प्रदेशों के प्रशासनों द्वारा उपायुक्त/ज़िलाधीश की अध्यक्षता वाली कमेटी के ज़रिये की जाएगी। उल्लेखनीय है कि जहाँ तक संभव होगा, प्रत्येक ज़िले में 30 फीसद बुज़ुर्ग महिलाओं को लाभार्थी बनाने का प्रयास किया जाएगा।
  • बीपीएल श्रेणी के बुज़र्गों की पहचान करने के लिये राज्य सरकार, केन्द्रशासित प्रदेश या ज़िलास्तरीय कमेटी, एनएएसपी अथवा किसी अन्य योजना के अंतर्गत वृद्धावस्था पेंशन प्राप्त कर रहे बीपीएल लाभार्थियों के आँकड़े एवं जानकारियों का उपयोग कर सकते हैं।
  • इस योजना को अमलीजामा पहनाने के लिये आगामी तीन वर्षों (वित्तीय वर्ष 2019-20 तक) के लिये अनुमानित वित्तीय खर्च 483.6 करोड़ रुपए है।

‘राष्ट्रीय वयोश्री योजना’ का महत्त्व

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वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार, भारत में वरिष्ठ नागरिकों की आबादी 10.38 करोड़ है। वरिष्ठ नागरिकों की 70 फीसदी से भी अधिक आबादी ग्रामीण क्षेत्रों में रहती है। वरिष्ठ नागरिकों का एक बड़ा प्रतिशत वृद्धावस्था में होने वाली अक्षमताओं से पीड़ित है। एक अनुमान के मुताबिक, वर्ष 2026 तक उम्रदराज़ लोगों की आबादी बढ़कर करीब 173 मिलियन हो जाएगी।

संपन्न घरों के बुजुर्गों को बढ़ती उम्र की परेशानियों से निपटने के लिये संसाधन और सुविधाएँ कमोबेश मिल जाती हैं लेकिन गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन कर रहे बुजुर्गों की सुध कोई नहीं लेता। इन सभी बातों का संज्ञान लेते हुए केन्द्र सरकार ने वृद्धावस्था में होने वाली बीमारियों से पीड़ित, गरीबी रेखा से संबंध रखने वाले वरिष्ठ नागरिकों को शारीरिक सहायता एवं जीवन यापन के लिये आवश्यक उपकरण प्रदान करने के लिये सार्वजनिक क्षेत्र की इस केन्द्रीय योजना का प्रस्ताव किया है।

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